शिक्षाएँ
शिवपुरी बाबा ने एक ही व्यावहारिक अनुशासन की शिक्षा दी जिसे वे सम्यक् जीवन, या स्वधर्म कहते थे। यहाँ के पृष्ठ उसे उन लोगों के अभिलेखों से प्रस्तुत करते हैं जिन्होंने इसे सीधे उनसे सीखा, स्रोतों के पूर्ण उद्धरण सहित।
शिवपुरी बाबा ने एक ही व्यावहारिक अनुशासन की शिक्षा दी जिसे वे सम्यक् जीवन, या स्वधर्म कहते थे। यहाँ के पृष्ठ उसे उन लोगों के अभिलेखों से प्रस्तुत करते हैं जिन्होंने इसे सीधे उनसे सीखा, स्रोतों के पूर्ण उद्धरण सहित।
बाबा की केंद्रीय शिक्षा: तीन अनुशासन — शारीरिक, नैतिक और आध्यात्मिक — जो मिलकर सम्यक् जीवन बनाते हैं, केवल प्रत्यक्ष स्रोतों से ली गई।